Friday, February 11, 2022

दृढ़ पिण्डों की गति (घूर्णन गति) Dynamics of Rigid Bodies (Rotational Motion)

दृढ़ पिण्डों की गति (घूर्णन गति) Dynamics of Rigid Bodies (Rotational Motion)

प्रश्न . दृढ़ पिण्ड से क्या तात्पर्य है?

 यदि किसी पिण्ड पर बाह्य बल लगाने पर उसके कणों में एक-दूसरे के सापेक्ष कोई विस्थापन न हो तो ऐसे पिण्ड को दृढ़ पिण्ड कहते हैं।

प्रश्न . घूर्णन गति से क्या तात्पर्य है?

जब कोई पिण्ड किसी स्थिर अक्ष के परित: इस प्रकार गति करता है कि पिण्ड का प्रत्येक कण वृत्तीय पथ पर चल रहा हो तथा समस्त वृत्तों के केन्द्र उस अक्ष पर हों तो उसकी गति को घूर्णन गति कहते हैं। 

प्रश्न . जड़त्व आघूर्ण से क्या तात्पर्य है?

पिण्ड के किसी कण का घूर्णन अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण उस कण के द्रव्यमान तथा घूर्णन अक्ष से उस कण की दूरी के वर्ग के गुणनफल के बराबर होता है।

जड़त्व आघूर्ण (I) = Mr²

प्रश्न . एक व्यक्ति घूमते स्टूल पर भुजा फैलाकर बैठा है। यदि वह अचानक अपनी भुजाएँ नीचे गिरा लेता है तो उसके कोणीय वेग, जड़त्व आघूर्ण तथा कोणीय संवेग में क्या परिवर्तन होंगे?

कोणीय संवेग संरक्षित रहेगा, जड़त्व आघूर्ण घट जायेगा तथा कोणीय वेग बढ़ जायेगा। 

प्रश्न . तैराक पानी में कूदते समय अपने शरीर को मोड़ लेता है, कारण बताइए। 

तैराक पानी में ऊपर से कूदते समय सीधे कूदने की बजाय अपने शरीर को मोड़ लेता है, इससे जड़त्व आघूर्ण कम हो जाता है और कोणीय वेग का मान बढ़ जाता है, जिससे तैराक हवा में सुगमता से कलैया ले सकता है।

प्रश्न . हेलीकॉप्टर में दो नोदक (propellers) ही क्यों लगाते हैं? 

सन्तुलन बनाये रखने के लिए, क्योंकि यदि इसमें एक ही नोदक हो तो इसके घूमने पर कोणीय संवेग संरक्षण के कारण हेलीकॉप्टर स्वयं नोदक की विपरीत दिशा में घूमेगा। 

प्रश्न . घूर्णन गतिज ऊर्जा के आधार पर जड़त्व आघूर्ण को परिभाषित कीजिए।

किसी पिण्ड के किसी घूर्णन अक्ष के परित: जड़त्व-आघूर्ण का मान उसकी घूर्णन गतिज ऊर्जा के दोगुने के बराबर होता है, यदि वह पिण्ड उस अक्ष के परितः एकांक कोणीय वेग से घूम रहा है।

प्रश्न . घूर्णन त्रिज्या क्या होती है?

यदि किसी पिण्ड का समस्त द्रव्यमान किसी एक बिन्दु पर इस प्रकार केन्द्रित मान लिया जाए कि इस बिन्दु की घूर्णन अक्ष से लम्बवत् दूरी इतनी हो कि दूरी के वर्ग को पिण्ड के द्रव्यमान से गुणा करने पर पिण्ड का घूर्णन अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण प्राप्त हो जाए तो इस दूरी को घूर्णन त्रिज्या कहते हैं।

 प्रश्न. घूर्णन गतिज ऊर्जा के समीकरण लिखिए।

घूर्णन गतिज ऊर्जा के समीकरण निम्नलिखित हैं

(i)  ω = ω+αt

(ii)  θ = ω₀t +1/2αt 

(iii)  ω² = ω₀ + 2αθ

प्रश्न.जड़त्व आघूर्ण का व्यावहारिक उपयोग समझाइए। 

उत्तर साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल आदि में पहिए का जड़त्व आघूर्ण बढ़ाने के लिए सम्पूर्ण पदार्थ पहिए के घेरे पर होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब हम साइकिल आदि में पैडल मारना बन्द कर देते हैं तो साइकिल का पहिया, , अधिक जड़त्व आघूर्ण के कारण कुछ समय तक घूमता रहता है। 

प्रश्न . डिस्क के व्यास के परितः जड़त्व आघूर्ण क्या होगा?

उत्तर :- I =1/4MR² 

बल-आघूर्ण = जड़त्व आघूर्ण x कोणीय त्वरण 



कोणीय संवेग की परिभाषा दीजिए तथा इसका S.I. मात्रक बताइए

कोणीय संवेग:- घूर्णन गति में पिण्ड के विभिन्न अवयवी कणों के रेखीय संवेगों के घूर्णन अक्ष के परित: आघूर्णो का योग उस अक्ष के परितः पिण्ड का कोणीय संवेग कहलाता है। 

यह निम्नलिखित सूत्र से व्यक्त किया जाता है 

कोणीय संवेग = जड़त्व आघूर्ण x कोणीय वेग

L=I×ω

कोणीय संवेग का मात्रक = किग्रा-मी/से

बल आघूर्ण - 

बल के परिमाण तथा घूर्णन अक्ष से बल की क्रिया-रेखा की लम्बवत् दूरी के गुणनफल को बल आघूर्ण कहते हैं।

 प्रश्न . जड़त्व आघूर्ण की परिभाषा दीजिए.

जड़त्व आघूर्ण -

जब एक पिण्ड एक अक्ष के परितः घूमता है तो इसकी प्रवृत्ति, इसके घूर्णन में परिवर्तन का विरोध करने की होती है। पिण्र्ड का यह गुण जिसके कारण यह इस होने वाले घूर्णन में परिवर्तन का विरोध करता है, पिण्ड के घूर्णन अक्ष के परितः जड़त्व-आघूर्ण कहलाता है। इसे I से दर्शाया जाता है।

प्रश्न 23. सीमान्त घर्षण के नियमों का उल्लेख कीजिए।

सीमान्त घर्षण सम्पर्क में रखे दो रुक्ष पिण्डों के मध्य जब सापेक्ष गति उत्पन्न होने ही वाली होती है, तो उनके मध्य उत्पन्न घर्षण बल को सीमान्त घर्षण बल कहते हैं। इसका मान स्थैतिक घर्षण बल के अधिकतम मान के बराबर होता है। 

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